जब से आये हो तुम जिंदगी में ,जिंदगी मेरी मुस्कुराने लगी ।
ख़ामोश थी जो जबां ,प्यार भरी लोरियाँ गाने लगी ।
तेरी मासूम सी मुसकुराहट के लिए,मैं कुछ भी करने लगी ।
सारे काम छोड़ विडियो गेम्स मे ,समय बिताने लगी ।
नए नए गैजेट्स से तुमने ही रुबरु कराया है,तभी तो तुम नन्हों को अपना गुरु बनाया है ।
जिंदगी के हर पल को कैसे ख़ुशी से जिये ,ये तुमने ही तो सिखाया है ।
अपना बचपन तो याद नहीं ,पर तुम्हारी इन मासूम शरारतों का हिस्सा बन अपने अंदर के बच्चे को फिर जगाया है ।
शुक्रिया मेरी जिंदगी में आने के लिए,मेरे हर पल को अपने प्यार से महकाने के लिए ।




